बिलासपुर
राकेश मिश्रा
तखतपुर में लोगो को मिलने जा रहे चौपाटी के सौगात के बीच पुलिस प्रशासन और नगर पालिका आमने सामने आ गये है।एक तरफ पुलिस विभाग जमीन को अपना बताकर चौपाटी निर्माण को रोक रही है तो वहीं दूसरी ओर नगर पालिका चौपाटी निर्माण को आमजनता के लिए बड़ी सौगात बताकर किसी भी स्थिति में बनाने की बात कह रहे हैं।इस बीच विधायक की मध्यस्थता से मामला सुलझ जाने और काम आगे बढ़ने पर सहमति बन गई है।

तखतपुर नगर पालिका में एक करोड़ की लागत से बन रहे चौपाटी की जमीन को लेकर पिछले तीन दिनों से पुलिस विभाग और नगरीय प्रशासन आमने सामने थे।पुलिस विभाग जमीन को अपना बताकर चौपाटी का काम रोकने के लिए तीन दिनों से लगी हुई थी और मंगलवार को थाना प्रभारी ने किसी भी स्थिति काम नहीं करने देने की बात कहते हुए 11 बजे से चौपाटी निर्माण स्थल पर खड़े हो गए और खुदाई के लिए लगे जेसीबी को रोक दिया।इस बीच काम रुकने की जानकारी मिलते ही नगर पालिका अध्यक्ष सहित कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षद भी निर्माण स्थल पर पहुंच गए और पुलिस और पार्षदों के बीच जमकर बहसबाजी होने लगी।

नगर पालिका अध्यक्ष रविंदर कौर (पूजा) मक्कड़ ने बताया कि डेढ़ साल पहले इस स्थल पर चौपाटी की निर्माण की स्वीकृति दी गई थी और 19 नवंबर को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने चौपाटी निर्माण का भूमि पूजन किया था।चार दिन पहले चौपाटी निर्माण का काम शुरू हुआ है और पिछले तीन दिन से थाना प्रभारी यहां पर आकर काम रुकवा रहे हैं।उनका कहना है कि यह जमीन उनके विभाग की है। जबकि राजस्व रिकॉड में यह आबादी भूमि दिखा रहा है।साथ ही पुलिस विभाग की ओर से न कोई नोटिस जारी किया गया है और न किसी प्रकार का पत्र व्यवहार किया गया है।थाना प्रभारी सीधे निर्माण स्थल पर आकर काम रुकवा रहे है।थाना प्रभारी का यह रवैया उप मुख्यमंत्री का अपमान है।यह काम पूर्ण होने पर नगर वासियों को एक बड़ी सौगात मिलने वाली है।आखिर कौन है जो नगर पालिका में लोगो को मिलने वाली सुविधा को रोकना चाहते हैं। इधर थाना प्रभारी ने अध्यक्ष और पार्षदों को बताया कि कप्तान साहब के आदेश के बिना काम शुरू नहीं करने देंगे।तो भाजपा और कांग्रेस दोनो के पार्षद तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह से मिलने और वस्तु स्थिति से अवगत कराने के बिलासपुर पहुंच गए।उन्हें जैसे ही जानकारी हुई कि चौपाटी का काम रोका जा रहा है तो वे पार्षदों को लेकर पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंच गए और अनावश्यक विवाद खड़े नहीं होने देने की बात कही। विधायक और पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के बीच चर्चा के बाद चौपाटी निर्माण का काम नहीं रोके जाने पर सहमति बन गई।
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वहीं इस विषय में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि तखतपुर में चौपाटी निर्माण काम को लेकर विधायक जी से चर्चा हुई है।उनके द्वारा पुलिस विभाग को नए थाने पास ही हमारी जमीन से भी बड़ी जमीन दिए जाने का आश्वासन दिया गया है।दूसरी बात वहां पर पुलिस वाहनों को आने जाने में भी परेशानी होगी।इसलिए हमने सहमति दे दी है।अब मामले में आपसी सहमति बन गई है और पुलिस विभाग को चौपाटी निर्माण पर कोई आपत्ति नहीं है।
धरमजीत सिंह विधायक तखतपुर ने कहा कि चौपाटी निर्माण की जमीन को लेकर नगर पालिका और पुलिस विभाग के बीच कुछ गलतफहमी थी जिसके लिए पुलिस अधीक्षक से चर्चा हो गई है।उन्होंने जनहित में सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए निर्णय लिया है।
थाने की जमीन पर बन रहा था चौपाटी?
तखतपुर में 60 के दशक में थाना भवन और पुलिस क्वार्टर का निर्माण कराया गया था।तब उस जगह आने जानें के लिए मुख्य मार्ग का उपयोग होता था,और तीन दशक तक वहां थाने का संचालन होता रहा।उसके बाद ब्लॉक कॉलोनी में वर्तमान नगर पालिका कार्यालय के पास थाना स्थानांतरित हो गया और वहां भी लगभग 20 से पच्चीस वर्ष तक थाने चलता रहा मगर जमीन के कानूनी दाव पेंच में वह निजी जमीन निकल जाने के कारण वर्तमान में नए बस स्टैंड के पास थाना है।लेकिन 60 के दशक में बने पुराने थाने की जमीन पर पुलिस विभाग आज भी अपना कब्जा मानकर चल रही है।जबकि वह राजस्व रिकॉर्ड में आबादी की जमीन के रूप में दर्ज है।लेकिन इस जमीन को पुलिस विभाग से विधिवत प्रक्रिया पूरी करके वापस नहीं लिया गया था।इस जमीन पर अभी कई ठेले और गुमटी वाले नाश्ते की दुकान लगाते हैं।धरमजीत सिंह ने तखतपुर विधायक बनने के बाद जो बड़ी घोषणाएं की उनमें चौपाटी भी एक था।इसके लिए एक करोड़ की राशि स्वीकृत होने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 19 नवंबर को भूमि पूजन भी कर दिया ।इसके बाद चार दिन पहले काम भी शुरू हो गया।मगर पुलिस विभाग ने अचानक इस पर आपत्ति जताते हुए काम रुकवा दिया,जिसे विधायक और पुलिस अधीक्षक की बैठक से सुलझा लिया गया है।