बिलासपुर
डेस्क न्यूज
मनियारी नदी के पावन तट पर बसे सुरम्य धार्मिक स्थल श्री सिद्ध बाबा आश्रम बिचारपुर (निकट लोरमी) में 10 अगस्त, दिन सोमवार को परम पूज्य श्री श्री 108 श्री स्वामी शिवानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में भव्य रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सावन सोमवार के इस विशेष अवसर पर जन कल्याण तथा विश्व शांति की कामना के साथ यह धार्मिक अनुष्ठान पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से सम्पन्न हुआ।

नदी के तट पर गूंजे शिव के जयकारे
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर और माँ मनियारी नदी के किनारे स्थित इस सिद्ध पीठ पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। कार्यक्रम की शुरुआत शुभ मुहूर्त में वेदी पूजन और गणेश वंदना के साथ हुई। उपस्थित शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। पूज्य स्वामी शिवानंद जी महाराज की दिव्य उपस्थिति ने पूरे आयोजन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया। उनके सानिध्य में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने एक स्वर में ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के गगनभेदी जयकारे लगाए, जिससे पूरा आश्रम परिसर और नदी का तट शिवमय हो गया।वैदिक मंत्रोच्चार और महा-अभिषेकअनुष्ठान के दौरान भगवान शिव के साक्षात् स्वरूप का दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (पंचामृत) के साथ-साथ गंगाजल, गन्ने के रस और पवित्र औषधीय रसों से महा-अभिषेक किया गया।

आचार्यो द्वारा किए गए सस्वर वैदिक मंत्रोच्चार और शिव तांडव स्तोत्र के पाठ ने उपस्थित जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया।विशेष श्रृंगार, महाआरती और रुद्राभिषेक की पूर्णाहुति के पश्चात भोलेनाथ का बेलपत्र, भांग, धतूरे और सुगंधित पुष्पों से अलौकिक व दिव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद पूज्य स्वामी जी महाराज की अगुवाई में भगवान शिव की भव्य महाआरती उतारी गई। पूजा सम्पन्न होने के पश्चात पूज्य स्वामी जी एवं सभी भक्तों ने पार्थिव शिवलिंग का विसर्जन हर हर महादेव शंभु के जयघोष के साथ मनियारी नदी के पवित्र जल में किये। अनुष्ठान के सफल समापन पर आश्रम प्रबंधन द्वारा विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन किया गया, जिसमें आस-पास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बेहद अनुशासित तरीके से प्रसाद ग्रहण किये।इस अवसर पर पूज्य श्री श्री 108 श्री स्वामी शिवानंद जी महाराज ने उपस्थित शिवभक्तों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने माँ मनियारी नदी के इस पावन तट की महिमा और सावन सोमवार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकृति के सानिध्य में भगवान शिव की आराधना करने से मनुष्य के जीवन के सभी संताप दूर हो जाते हैं। उन्होंने सभी को सत्य, धर्म और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
