बकुलमुनी आश्रम मलगा में भक्ति, गुरु-सानिध्य और शिव आराधना की दिव्य अनुभूति

बिलासपुर

डेस्क न्यूज

मध्य प्रदेश के मलगा (आमाडाड) स्थित बकुलमुनी आश्रम में परम श्रद्धेय पूज्य श्री श्री 108 श्री स्वामी शिवानंद महाराज जी के पावन सानिध्य में भव्य रुद्राभिषेक एवं धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह आश्रम श्री सिद्ध बाबा अद्वैत परमहंस आश्रम बेलगहना से संबद्ध 36 प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों में से एक है। पूज्य स्वामी जी महाराज का सानिध्य मिलने से यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान बना, बल्कि शिवभक्ति, गुरु-कृपा और आत्मिक शांति का दिव्य संगम सिद्ध हुआ।

वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य रुद्राभिषेक

कार्यक्रम का शुभारंभ वेदमंत्रों के सस्वर उच्चारण और मंगल ध्वनियों के साथ हुआ। दूध, शुद्ध जल, शहद एवं पंचामृत से शिवलिंग का विशेष अभिषेक किया गया। उपस्थित जनसैलाब ने पूर्ण श्रद्धा और समर्पण भाव से पूजन-अर्चन संपन्न किया। इस दौरान संपूर्ण आश्रम परिसर “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से गुंजायमान रहा।

श्री गुरु सत्संग दर्शन हाल का भूमि पूजन

इस पावन अवसर पर पूज्य स्वामी जी महाराज के कर-कमलों से ‘श्री गुरु सत्संग दर्शन हाल’ का भूमि पूजन संपन्न हुआ। यह प्रस्तावित सत्संग हाल आने वाले समय में गुरु-वाणी, साधना, सत्संग एवं सनातन आध्यात्मिक चेतना के व्यापक प्रसार का प्रमुख माध्यम बनेगा।

प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा व्यवस्था

पूज्य स्वामी जी महाराज के पावन प्रवास एवं धार्मिक आयोजनों के दौरान उनकी गरिमामय सुरक्षा हेतु छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप चाक-चौबंद व्यवस्था की गई, जो अत्यंत सराहनीय रही।

विभिन्न क्षेत्रों से उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

इस दिव्य आयोजन में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। प्रमुख रूप से:मध्य प्रदेश: के अनूपपुर, कोतमा छत्तीसगढ़: के मनेंद्रगढ़, चिरमिरी, लोरमी, पंडरिया, मुंगेली, बिलासपुर और कोरबा से सभी भक्तों ने गुरु चरणों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया और भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन होकर पुण्य लाभ कमाया।

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गुरु-वाणी और दिव्य संदेश

पूज्य स्वामी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान करते हुए सनातन संस्कृति, गुरु-भक्ति, सेवा, सदाचार और साधना के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि गुरु की कृपा जीवन को सही दिशा देने के साथ-साथ हृदय में निष्काम भक्ति का संचार करती है।

महाआरती, प्रसाद और विश्व कल्याण की भावना

विश्व कल्याण, क्षेत्र की सुख-समृद्धि और सर्वजन मंगल की कामना के साथ रुद्राभिषेक की पूर्णाहुति हुई। इसके पश्चात भव्य महाआरती की गई और सभी श्रद्धालुओं में महाप्रसाद का वितरण किया गया।बकुलमुनी आश्रम का यह आयोजन भक्तों के लिए गुरु-सानिध्य और शिव-आराधना की अविस्मरणीय अनुभूति बन गया, जहाँ हर मन में यही भाव गूंजता रहा—“गुरुचरणों में श्रद्धा हो, हृदय में शिव का नाम हो और जीवन सबके मंगल के काम आए।”