पोल्ट्री फार्म संचालक की हत्या में दो युवक गिरफ्तार,पुरानी रंजिश थी हत्या की वजह।

बिलासपुर

राकेश मिश्रा

बिलासपुर जिले के तखतपुर के घोरामार गांव में पोल्ट्री फार्म संचालक युवक की हत्या कर उसका शव तालाब में फेंक देने के सनसनीखेज वारदात का बिलासपुर पुलिस ने महज तीन दिनों में खुलासा कर दिया है। पुरानी रंजिश के चलते की गई इस नृशंस हत्या में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।मृत युवक 30 नवंबर रात पोल्ट्री फार्म में सोने के लिए घर से निकला और गायब हो गया था। 7 दिसंबर सुबह पानी में तैरते उसकी लाश मिली थी।पुलिस ने मामले को सुलझाने के लिए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन खंगाले और आरोपियों तक पहुंच गए।

बिलासपुर पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि घोरामार का रहने वाला धीरज साहू 30 नवंबर की रात अपने पोल्ट्री फार्म में सोने के लिए निकला था। लेकिन उसके बाद से वह गायब था । परिजनों ने खोजबीन की, पर उसका मोबाइल बंद मिलने पर 1 दिसंबर को कोटा थाने में गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 7 दिसंबर को उसकी लाश में ग्राम घोरामार स्थित बांधा तालाब में पत्थर के साथ बंधी मिली ।पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर त्वरित जांच शुरू की।हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस हत्यारों की तलाश में जुट गई।इसके लिए पुलिस ने खंगाले सैकड़ों सीसीटीवी व हजारों मोबाइल नंबर के लोकेशन की जांच करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझाई।पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, हजारों मोबाइल नंबरों,का तकनीकी विश्लेषण,परिजनों, परिचितों और ग्रामीणों से कई दौर की पूछताछ की ।जांच के दौरान दो संदेही अनिल साहू और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ पर दोनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया।

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पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह

खुलासे के दौरान पुलिस ने बताया कि आरोपी अनिल साहू और मृतक धीरज के बीच एक वर्ष पूर्व विवाद हुआ था। इसके चलते वह धीरज से रंजिश रखने लगा था।इसी रंजिश के कारण आरोपियों ने धीरज की हत्या की योजना बनाई। 30 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे आरोपी मोटरसाइकिल से धीरज साहू के प्लॉट के पास पहुंचे।मोटर पंप निकालने का बहाना बनाकर धीरज को बाहर बुलाया और चाकू से धीरज पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।शव में पत्थर बांधकर उसे तालाब में फेंक दिया और हत्या में प्रयुक्त चाकू, धीरज के कपड़े और मोबाइल को कोरी डेम में फेंककर सबूत नष्ट कर दिए। पुलिस ने दोनों की स्वीकारोक्ति के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।