बिलासपुर
राकेश मिश्रा
बिलासपुर जिले के सेवा सहकारी समिति मर्या बिलासपुर की शाखा तखतपुर के मृत व्यक्तियों के खाते से कैश ट्रांजेक्शन का मामला सामने आया है।मामले की शिकायत एसडीएम से की गई है।तत्कालीन एसडीएम ने मामले को जांच के भेज दिया है।
तखतपुर के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा तखतपुर में खाता धारकों मौत होने के बाद भी, उनके द्वारा पैसे निकाले जाने का अनोखा मामला सामने आया है।मामले की शिकायत तखतपुर एसडीएम से की गई है।शिकायत में बताया गया है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा तखतपुर के शाखा प्रबंधक द्वारा मृत खाता धारकों के रिश्तेदारों से सांठगांठ कर उनके खाते से नगद राशि निकाली गई है।इसमें शाखा प्रबंधक की भूमिका महत्वपूर्ण है।दरअसल जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में क्षेत्र के कई गांव के किसान खाता धारक ।बैंक में कई खाता धारकों की मौत होने के बाद भी उनके खाते का संचालन पूर्ववत होना दिखाई दे रहा था।इसमें दिखाई दे रहे जमा नामे के आधार पर मृत व्यक्तियों ने खुद ही बैंक आकर पैसा निकाला है।यह तो तब ही संभव है जब खातेदार स्वर्ग से उतरकर आएं और बैंक में जाकर राशि निकाले।
सेवा सहकारी समिति तखतपुर के शाखा प्रबंधक द्वारा नगद राशि निकाले जाने के शिकायत आवेदन में अलग अलग गांव के 31 किसानों के नाम बताए गए है।आवेदन में बताया गया है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर की शाखा तखतपुर के शाखा प्रबंधक सूर्यकांत जायसवाल द्वारा विगत कुछ वर्षों में बिरसिंग बेलपान, भागीरथी चनाडोंगरी, सुनील साहू मरहीकापा,पुन्नीलाल खम्हरिया, तीरथ राम सिलतरा, किसुन जरौंधा, सीताराम चनाडोंगरी, दुकालू राम उमरिया, सालिक राम पटेल समडिल , दुखीराम छिरहाकापा, खोरबहरा गिरधौना, सिद्धराम पूरा ,जवाहर सिंह कठमुड़ा,शिव साहू तखतपुर,अर्जुन सिंह तखतपुर, रामेश्वर तखतपुर, मयाराम देवतरा, रामसेवक कौशिक पूरा, बचन बीजा, दरसराम पिता प्रहलाद पोड़ी ,बिमला पति मोती करनकापा ,लखन रजक पिता भरोसा जरौंधा ,भाऊ राम साहू पिता लतेल जरौंधा, ररू राम पिता हरिराम खजूरी नवागांव, सुखनंदन बीजा, विश्राम बीजा,राम कुशल दैजा,पदुम दास गुनसरी, झाली सिंह पुरैना, बेचनबाई चोरमा, बजरहा सतनामी खुड़ियाडीह एवम अन्य अनेक कृषकों के खाते से उनकी मृत्यु पश्चात नगदी पैसे आहरण किए गए है।नियम विरुद्ध आहरण के लिए शाखा प्रबंधक द्वारा मृत खाता धारकों के परिजनों से मोटा कमीशन लिया गया है। लगातार कई वर्षों से ऐसा किया जा रहा है।आवेदक ने शाखा प्रबंधक के विरुद्ध एफआईआर की मांग की गई है।
पचबहरा के एक किसान की मृत्यु नवंबर 2021 में हो गई है लेकिन उस किसान के खाते से लगातार कई तिथियों में कैश विड्रॉल किया गया है।यह सब बैंक कर्मियों की मिली भगत से ही संभव हो सकता है।नवंबर में खाता धारक की मृत्यु हो जाने के बाद आखिर किसने आकर जनवरी 2022 से अक्टूबर 2022 तक नगदी आहरण किया है।जबकि खाता धारक की मौत हो जाने के बाद उसके खाते में जमा राशि को खाते में उल्लिखित नॉमिनी के खाते में ट्रांसफर किया जाना चाहिए ।लेकिन ऐसा नहीं करके फर्जी तरीके से नगदी आहरण किया गया है।बैंक से नगद राशि केवल खाता धारक ही आहरित कर सकता है।
किसी खाता धारक के फौत होने पर क्या है ?प्रक्रिया
जब किसी खाता धारक की मौत हो जाती है तो उस स्थिति में खाता धारक के नाम पर जारी हुआ खाता लॉक कर दिया जाता है।यदि खाता धारक ने मृत्यु से पूर्व अपना नॉमिनी नियुक्त किया हो तो उसके खाते का पैसा नॉमिनी के खाते ने जाता है या फिर नॉमिनी को डीडी बनाकर दिया जाता है।मगर नगर निकासी नहीं हो सकता है।यदि खाता धारक ने नॉमिनी घोषित नहीं किया है तो उत्तराधिकारियों के द्वारा आवेदन किए जाने पर सभी उत्तराधिकारियों के नाम से डीडी बनाकर जारी किया जाता है।इस स्थिति में भी नगद राशि देने का कोई प्रावधान नहीं है।
इस विषय में जब एसडीएम नितिन तिवारी से जानकारी चाही गई तो उनका कहना था कि शिकायत की कॉपी उपलब्ध करा दीजिए।तब उन्हें उनके ऑफिस में शिकायत कॉपी होने की बात बताई गई तो उनका कहना था कि पता करके बताता हूं कि क्या स्थिति है।
वही शाखा प्रबंधक सूर्यकांत जायसवाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल सर्विस ने नहीं होना बता रहा था।
जांच अधिकारी कैलाश कश्यप ने जांच जारी होने की बात बताते हुए जांच रिपोर्ट जल्दी ही जमा करने की बात कही है।