खेत में आने जानेंका रास्ता नहीं देना बना पूर्व सरपंच के पति की हत्या का कारण,तीन आरोपी हिरासत में

बिलासपुर

राकेश मिश्रा

बिलासपुर जिले के तखतपुर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत चोरभट्टी खुर्द के पूर्व सरपंच मंजू यादव के पति मनबोध यादव की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है।मनबोध की हत्या के आरोप तीन लोगों को हिरासत लिया गया है।हत्यारों ने हत्या का कारण खेत से गुजरने नहीं देना बताया है।पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है ।वही आरोपियों को रिमांड में भेज दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चोरभट्टी खुर्द के पूर्व सरपंच के पति मनबोध यादव बुधवार की रात अपनी स्कूटी से गांव में ही निकला था।लेकिन वह रात भर वापस नहीं आया तो परिजनों ने सुबह उसकी खोजबीन शुरू की ।इस दौरान मनबोध का लहुलुहान शव गांव के ही मुर्गी फार्म के पास पड़ा हुआ मिला ।उसके सिर पर किसी धारदार हथियार से चोट के निशान थे ।हमला इतनी बुरी तरह से किया गया था कि मनबोध का चेहरा पहचान ही नहीं आ रहा था।मनबोध की लाश मिलते ही हत्या की खबर आग की तरह फैल गई।सकरी पुलिस को हत्या की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई और फॉरेंसिक टीम तथा डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया ।

पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि जमीन को लेकर मनबोध का गांव के गौतमचंद साहू और उसके भाई से विवाद था।उन्हें पूछताछ करते समय उनके हावभाव संदिग्ध लगे, तो पुलिस ने गौतम चंद साहू पिता हरिश्चंद्र साहू और गुलाब चंद साहू पिता हरिश्चंद्र साहू और अजय ध्रुव पिता सुखीलाल गोंड को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो गौतम चंद्र ने बताया कि मनबोध के खेत के पीछे लगा हुआ गौतम का खेत है।गौतम के खेत में आने जाने के लिए रास्ता नहीं है ,तो मनबोध के खेत से ही गुजर कर आना जाना करता था।बरसात के समय मनबोध ने अपने खेत में बुआई हो जाने का हवाला देते हुए गौतमचंद को खेत से आने जाने से मना कर दिया था।उस समय भी हल्की कहा सुनी हुई थी,जिसे गांव की पंचायत में सुलझा लिया गया था।फसल कटाई का समय आने पर मनबोध ने अपने खेत की फसल कट जाने के बाद जानबूझकर गौतमचंद के खेत की फसल को नहीं काटने देने के लिए बोर से अपने खेत में पानी डलवा दिया,जिससे कटाई के लिए हार्वेस्टर गौतम के खेत में न जा सके।साथ ही हार्वेस्टर वालो को भी गौतम की फसल काटने से मना कर दिया था ।

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इससे गौतमचंद ने मनोबोध की हत्या करने का ठान लिया था।गौतम को पता था कि मनबोध शराब पीने का आदि है उसने अजय ध्रुव को साजिश में शामिल कर कहा था कि मनबोध को शराब पिलाने के लिए बैठाकर फोन करना।योजना के अनुसार अजय ने मनबोध को शराब पिलाने के लिए बैठाया और गौतमचंद को बता दिया।गौतम अपने भाई गुलाब के साथ टांगी लेकर आया और मनबोध के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया साथ में उसके भाई गुलाब ने भी एक अन्य धारदार हथियार से हमला कर दिया।दोनो के द्वारा अचानक किए हमले से मनबोध गिर गया और तीनों उसकी हत्या करके चले गए। आरोपियों की स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने तीनों को रिमांड पर जेल भेज दिया है।