किसी ने खेत गिरवी रखा, कोई बाजार से कर्ज लिया, पीएम आवास के किश्त की आस में कर्ज में डूबे ग्रामीण!

बिलासपुर

राकेश मिश्रा

जनपद पंचायत तखतपुर क्षेत्र में पीएम आवास की किश्त भुगतान में लापरवाही की शिकायत रायपुर तक पहुंच गई है।गुरुवार को रायपुर की एक टीम ग्राम पंचायत दर्री में पीएम आवास के हितग्राहियों की शिकायत को जांच करने पहुंची।शिकायतकर्ता हितग्राहियों से मुलाकात कर निर्माणाधीन आवास का निरीक्षण किया और हितग्राहियों से बयान लिए।इस दौरान जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और तकनीकी सहायक भी टीम के साथ थी।

तखतपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में आवास हितग्राही शासन से मिलने वाले पैसे की आस में अपने खेत और जेवर गिरवी रखकर आवास का निर्माण करा रहे है।लेकिन जनपद और जिला पंचायत के कर्मचारियों की लापरवाही और उदासीनता के चलते हितग्राही कर्जे में डूब गए है और कर्जदार उन्हें लगातार परेशान कर रहे है।जनपद पंचायत तखतपुर में पीएम आवास की किश्त जारी करने में बरती जा रही लापरवाही की शिकायत अब जनपद और जिला पंचायत से आगे बढ़कर राजधानी तक पहुंच गया है।ग्राम पंचायत दर्री के तीन हितग्राहियों के शिकायत की जांच के लिए संचालनालय प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण रायपुर के द्वारा गठित एक टीम जांच करने पहुंची।दो सदस्यीय टीम ने दर्री में जाकर कर हितग्राहियों से मिलकर उनका बयान दर्ज किया और निर्माणाधीन आवास का निरीक्षण किया।इस दौरान हितग्राहियों ने जांच दल को बताया कि किसी को केवल एक किश्त प्राप्त हुआ है तो किसी को एक भी नहीं।जबकि जिन्हें एक किश्त का भुगतान हुआ है उनके आवास लगभग पूर्णता को ओर है और जिन्हें एक भी किश्त नहीं मिला है उनके मकान भी छत ढालने के स्तर तक पहुंच गया है।

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इस दौरान दर्री के आश्रित ग्राम खटोला की हितग्राही गायत्री बाई ने बताया कि वह अपना खेत गिरवी रखकर आवास का निर्माण कर रही है ।उसका आवास अब छत ढालने के स्तर तक पहुंच गया है।लेकिन उसे अभी तक एक भी किश्त प्राप्त नहीं हुआ है।गांव का सचिव उसका रिश्तेदार है इसलिए वह उसी से किश्त के विषय पूछती है तो सचिव भी जल्दी आ जाने का आश्वासन दे देता है ।लेकिन ऐसा करते करते एक साल से अधिक का समय गुजर गया है।लेकिन आवास का एक भी किश्त प्राप्त नहीं हुआ है।अब कर्जदार परेशान कर रहे है।

नारद गोंड ने बताया कि उसने भी मार्केट से कर्ज लिया है।उसे पीएम आवास योजना की पहली किश्त को 40 हजार की राशि डेढ़ साल पहले मिली थी ।अब उसके आवास का छत ढल गया है ।लेकिन दूसरा किश्त अभी तक नहीं आया है।दस से बारह बार जनपद पंचायत की आवास शाखा के जाकर निवेदन और शिकायत कर चुका है लेकिन वहां बैठी मैडम उसे आ जाने का दिलासा देकर उल्टे पांव भेज देती है।उसे यह भी नहीं बताती कि किस कारण से उसके आवास की किश्त रुकी हुई है।

जांच टीम पर उठे सवाल

रायपुर से आई जांच टीम में चंद्रप्रकाश पात्रे उपायुक्त प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, और नितेश उपाध्याय आयुक्त मनरेगा शामिल थे ।उनसे जांच में पाए तथ्यों को जानकारी चाही गई तो उन्होंने जांच पूरी नहीं होने की बात कहते हुए कुछ भी बताने से मना कर दिया।अधिकारियों के इस तरह गोपनीयता बरतने से ग्रामीण के बीच जांच की खाना पूर्ति की चर्चा चल रही थी।इसमें अधिकारियों के द्वारा ग्राम पंचायत में नहीं जाकर सीधे सरपंच के घर जाकर चाय नाश्ता कर वापस चले जाना भी उनकी आशंका को बल देता है।जबकि रायपुर से जांच टीम आने की जानकारी होने पर कई हितग्राही भी अपनी शिकायत लेकर पंचायत भवन के पास खड़े सुबह से इंतजार कर रहे थे ।मगर जांच दल पंचायत भवन तक गया ही नहीं।

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