बारदाने की कमी और कम समय सीमा बनी किसानों की परेशानी, सीएम के नाम सौंपा गया ज्ञापन

लोरमी

महेश कश्यप –

बारदानों की कमी के कारण नही काटे जा रहे टोकन

किसानों से ही मांगे जा रहे 50 प्रतिशत बारदाने

धान खरीदी के लिए समय भी है कम

लोरमी क्षेत्र के धान खरीदी केंद्रों में बारदाने की कमी के कारण धान खरीदी केंद्रों ने धान बेचने में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ऊपर से किसानों से 50 प्रतिशत बारदाने मांगे जा रहे है। बारदानों का बाज़ार मूल्य 30 से 35 रुपये है जबकि शासन द्वारा किसानों को केवल 15 रुपये ही दिए जा रहे है।वही समय सीमा भी कम रखी गयी है।इसे बढ़ाने और समस्याओं का निराकरण करने जनपद सदस्यो ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।

लोरमी जनपद क्षेत्र के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए किसानों को धान खरीदी में आ रही समस्याओ को दूर करते हुए खरीदी की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है।ज्ञापन में लिखा गया है कि जनपद क्षेत्र के लगभग सभी खरीदी केंद्रों में बारदाने की कमी के कारण टोकन नहीं काटे जा रहे है ।साथ ही धान खरीदी के लक्ष्य को भी कम कर दिया गया है।किसानों से 50 प्रतिशत बारदाने मांगे जा रहे हैं ।इससे किसान परेशान है क्योंकि बाज़ार में बारदानों का मूल्य 25 से 30 रुपये है जबकि शासन द्वारा बारदानों वे बदले केवल 15 रुपये ही किसानों को दिये जा रहे हैं।जब शासन के द्वारा बारदाने की व्यवस्था नही हो पा रही तो किसान कहाँ से बारदाने लाएंगे।किसानों से बारदाने मांगना उनके लिए बड़ी परेशानी की वजह बन गयी है।शासन ने धान खरीदी के लिए दो माह का समय दिया है।इसमें भी छुट्टियों के कारण केवल 40 से 45 दिन ही खरीदी हो पाएगी। ऐसे शासन द्वारा तय किये गए खरीदी का लक्ष्य प्राप्त कर पाना संभव नही है।पिछले वर्ष जब ढाई माह में भी शासन इस वर्ष के तय लक्ष्य से कम धान को खरीदी नही लार पायी तो महज 40 से 45 दिन में लक्ष्य पाना असंभव है।इस सब बातों को देखते हुए जनपद सदस्यो ने कुलेश्वर साहू के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बारदाने की समस्या दूर कर खरीदी सुचारू रखने और खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग की है।ज्ञापन सौंपने वालो में कुलेश्वर साहू सभापति स्वास्थ्य महिला एवं बाल विकास, श्रीमती दुर्गा हीरा साहू सभापति स्वच्छता समिति के साथ क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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