कैसे खुलेगा ढाई साल के मासूम की मौत का राज? क्या मिलेगा उसे न्याय?

बिलासपुर

डेस्क खबर

तखतपुर में एक बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस शुरू कर दी है।परिजनों के विरोधाभासी बयानों और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानकर जांच आगे बढ़ा रही है।अब पोस्ट मार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के द्वारा मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

क्या है पूरा मामला

जरहागांव थाना क्षेत्र के ग्राम अमलिकापा की एक बच्ची को बुधवार की शाम लगभग पांच से साढ़े पांच के बीच सामुदायिक केंद्र लीदरी लाया गया ।जहां डॉक्टर ने उसे जांच के बाद ब्रांट डेड घोषित कर दिया।परिजनों ने पहले बताया कि उन्होंने बच्ची का इलाज नगर के एक क्लीनिक में कराया है, जहां से बच्ची की हालत बिगड़ने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया। परिजनों ने सीएचसी में बताया कि वहां इंजेक्शन लगाते ही बच्ची की तबियत बहुत ज्यादा खराब हो गई।डॉक्टर ने बच्ची के सीने को CPR भी किया लेकिन कुछ नहीं हुआ।न ही कोई पर्ची दिया है और न ही डिस्सचार्ज पेपर।मुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने इसे संदिग्ध मानते हुए पुलिस को सूचना दे दी और बच्ची का शव पोस्ट मार्टम के लिए मर्चुरी में रखवा दिया।गुरुवार की सुबह जब पुलिस ने बच्ची के परिजनों का बयान लिया तो उन्होंने कहीं भी इलाज नहीं कराए जाने की बात कही ।साथ ही बच्ची का पीएम नहीं कराए जाने को मिन्नत भी करते रहे।लेकिन पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए बच्ची का पोस्ट मार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।

सीएचसी के डॉक्टर का कहना है

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर राज किरण शर्मा ने बताया कि बच्ची को जब लाया गया तो वह ब्रॉड डेड थी।मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस को सूचना दे दी गई है।पुलिस मामले की जांच कर रही है।बच्ची की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा।

परिजनों के बदलते बयान

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों के अनुसार जब बच्ची को परिजन लेकर आए तो उन्होंने नगर के एक क्लीनिक में इलाज कराने की बात कही।लेकिन बाद में उनका बयान बदलता रहा।कभी क्लीनिक में इलाज कराने और डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाने से तबियत बिगड़ने की बात कहते तो कभी कहीं भी इलाज नहीं कराने की बात कहते।इससे मामला संदिग्ध लग रहा है ।

वही क्लीनिक के डॉक्टर का कहना था कि बच्ची को लगभग साढ़े तीन बजे लाया गया।बच्ची को 108 डिग्री बुखार था।स्पंज करके भेज दिया गया।कोई इलाज नहीं किया गया है।उनका रजिस्ट्रेशन भी नहीं हुआ था।न ही कोई दवा दिए या इंजेक्शन लगाया।

पुलिस ने माना मामला संदिग्ध

थाना प्रभारी विवेक पाण्डेय ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से ब्रांट डेड बच्ची का मेमो प्राप्त हुआ था ।बच्ची का पोस्ट मार्टम कराया गया है।उसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की जांच कार्यवाही की जाएगी ।इसमें तकनीकी साक्ष्य भी देखे जाएंगे।

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