जनपद पंचायत तखतपुर यहां बायोमैट्रिक या उपस्थिति रजिस्टर से नहीं सीईओ की मर्जी से बनता है वेतन!

बिलासपुर

राकेश मिश्रा

तखतपुर जनपद पंचायत में मुख्यकार्यपालन अधिकारी की शह पर कर्मचारियों की मनमानी एक बार फिर उस समय सामने आ गया,जब जनपद अध्यक्ष ने कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान कर्मचारी तो उपस्थित मिले लेकिन बायोमैट्रिक मशीन पर आधे से अधिक कर्मचारियों की डाटा एंट्री नहीं होना पाया गया।वही कर्मचारियों का वेतन उपस्थिति पंजी के आधार पर नहीं सीईओ के निर्देशानुसार बनाया जाना बताया गया।

शुक्रवार को जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने जनपद कार्यालय तखतपुर का औचक निरीक्षण किया ।उन्होंने पाया कि कर्मचारी तो उपस्थित हैं, और अपने-अपने टेबल पर काम कर रहे हैं। लेकिन जब उन्होंने बायोमेट्रिक के चालू होने या नहीं होने की बात पूछी तो उन्हें बताया गया कि बायोमेट्रिक चालू है और उसमें अटेंडेंस होता है ।जब उन्होंने पूछा कि इसमें सभी कर्मचारियों की डाटा एंट्री है । उन्हें बताया गया कि इसमें केवल आधे कर्मचारियों का डाटा एंट्री है और उन्हीं का अटेंडेंस होता अन्य कर्मचारियों की एंट्री नहीं है। इस पर जब जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने पूछा कि फिर वेतन कैसे बनता है? बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधार पर बनता है या मैन्युअल हस्ताक्षर पर उपस्थिति दर्ज होने से बनता है।उन्हें बताया गया कि ना तो बायोमैट्रिक अटेंडेंस से और ना ही मैन्युअल हस्ताक्षर वाले रजिस्टर में हस्ताक्षर से उपस्थिति पत्रक बनता है। उपस्थिति और वेतन पत्रक सीईओ साहब के निर्देश के अनुसार ही बनाकर वेतन आहरण किया जाता है। इस पर जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने कहा कि यह गलत बात है उपस्थिति रजिस्टर या फिर बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधार पर ही वेतन पत्रक तैयार होना चाहिए और उसी के अनुसार भुगतान होना चाहिए ।

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इसके बाद जनपद अध्यक्ष मनरेगा शाखा में पहुंची तो वहां आधे से अधिक तकनीकी सहायक अनुपस्थित मिले। जब अध्यक्ष ने उपस्थिति रजिस्टर का निरीक्षण किया तो पाया कि आधे से भी अधिक तकनीकी सहायकों के दो दिवस के हस्ताक्षर उपस्थिति रजिस्टर में नहीं है ।जब उन्होंने इस विषय में पूछा तो जानकारी दी गई की 1 तारीख को व्यस्तता की वजह से विजिट रजिस्टर की एंट्री नहीं हो पाई है ।वहीं 2 तारीख में अभी रजिस्टर में एंट्री करना बाकी है ।तब जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने कहा कि जो भी विजिट पर जाते हैं उन्हें मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज करके विजिट पर जाना चाहिए नहीं तो कैसे पता चलेगा कि कौन ?कहां पर है ?और कार्यालय में उपस्थित हुए हैं की नहीं ।इसके पश्चात जनपद माधवी वस्त्रकार ने अनुपस्थित तकनीकी सहायकों की उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित चढ़ाने का निर्देश दिया।

जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने बताया कि कलेक्टर महोदय का आदेश है कि सभी शासकीय कार्यालय में 1 जनवरी से बायोमेट्रिक आधार पर ही अटेंडेंस होना है ।लेकिन जनपद पंचायत तखतपुर में 3 महीने पूर्व से ही बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाई जाने के बाद भी आज निरीक्षण में सामने आया हैं कि आधे से अधिक कर्मचारियों का बायोमेट्रिक मशीन में अटेंडेंस नहीं हो रहा है, क्योंकि उनकी जानकारी एंट्री नहीं हो पाई है।अब यह एंट्री किस कारण से नहीं हो पाई है? या जानबूझकर नहीं किया गया है या हम नहीं जानते हैं। किंतु हमें यह जानकारी दी गई है कि यहां वेतन का भुगतान उपस्थिति रजिस्टर या बायोमैट्रिक मशीन में दर्ज उपस्थिति के आधार पर न होकर सीईओ के निर्देश के आधार पर होता है जबकि कर्मचारियों का वेतन आहरण उपस्थिति पत्रक के आधार पर होना चाहिए जो कि बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीन या उपस्थिति पंजी में दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही बनाया जाना ।चाहिए किंतु आधे से अधिक कर्मचारियों का बायोमैट्रिक अटेंडेंस के लिए एंट्री नहीं हो पाना कहीं ना कहीं लापरवाही और मनमानी को दर्शाता है।

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जनपद सदस्य मनहरण कौशिक ने कहा कि बायोमेट्रिक मशीन लगने के बाद भी कर्मचारी का वेतन भुगतान सीईओ के निर्देश पर किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसमें जनप्रतिनिधियों के सम्मान और ठेस पहुंच रही है और यह सहन नहीं किया जा सकता।

जनपद सदस्य रामकुमार सिंगरौल ने कहा कि जनपद पंचायत तखतपुर में सीईओ की मनमानी चल रही है जब चाहते हैं तब आते हैं और जब मर्जी नहीं होती नहीं आते हैं और आधे से अधिक कर्मचारियों का बायोमेट्रिक अटेंडेंस के लिए एंट्री नहीं हो पाना कहीं ना कहीं सीईओ की लापरवाही को ही दर्शाता है।

जनपद सदस्य ऋषभ कश्यप ने कहा कि हमारे जनपद के सीईओ अपना ही तानाशाही चला रहे हैं। उनके रवैया से लोगों की समस्याएं का निराकरण नहीं हो पा रही हैं।हम शासन से मांग करते हैं कि ऐसे सीईओ को जनपद से हटाकर किसी ईमानदार और समय के पाबंद मुख्य कार्यपालन अधिकारी की नियुक्ति की जाए, जो शासन के नियमों के अनुसार काम करें और समय पर कार्यालय में उपस्थित होकर लोगों की समस्याओं का निराकरण करें।