मंदिर से उठा ले गया शिव लिंग !क्या इरादा है चोर का?

तख़तपुर

ब्यूरो- तख़तपुर के नजदीकी गाँव अमोलिकापा के बड़े शिव मंदिर से अज्ञात चोर शिव लिंग उठाकर ले गया है।मंदिर से शिव लिंग के चोरी होने से गांव वालों में गुस्से का माहौल है गांव वाले इसकी रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंच गए हैं।इस गाँव मे इस तरह की घटना पूर्व में भी हो चुकी है।

चोर कब किस चीज पर हाथ साफ कर दे यह कहा नही जा सकता ।इस बार उसने मंदिर के शिव लिंग को चुरा लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार तख़तपुर का करीबी ग्राम अमोलिकापा के बड़े शिव मंदिर से अज्ञात चोर ने शिव लिंग को चोरी कर लिया है।घटना बीती रात की है।लगभग 11 बजे तक लोग मंदिर के आस पास थे तब तक कुछ नही हुआ था।सुबह 4 बजे के आस पास जब मंदिर की सफाई करते हुए सेवादार सीता राम ने देखा कि मंदिर का शिव लिंग गायब है।तो इस बात की सूचना गाँव वालों को दी।मंदिर से शिव लिंग की चोरी की खबर लगते ही गाँव वाले मंदीर में इकट्ठा हो गए और सभी थाने में सूचना देने पहुंच गए।पुलिस ने मामले को संज्ञान में ले लिया है।

पूर्व में भी हो चुकी है घटना

अमोलिकापा में यह पहली घटना नही है।इसके दो माह पूर्व भी गाँव के सतबहिनिया मंदिर से शीतला माता की मूर्ति को मंदिर से उठाकर ले गए थे और खेतों में फेंक दिए थे।जबकि माता के गहने वहीं बिखरे हुए थे।इसी तरह पिछले दिनों गाँव के महामाया मंदिर और शिव मंदिर में अज्ञात तत्वों द्वारा हड्डी डाल दिया गया था। पूर्व के दोनों मामलों में भी पुलिस से शिकायत की गई थी मगर मूर्ति मिल जाने के बाद पुलिस ने भी मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

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ग्राम सरपंच मोहर लाल माथुर का कहना है कि

हमारे ग्राम अमोलिकापा में अज्ञात तत्वों द्वारा लगातार लोगो की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली हरकत की जा रही है।पूर्व में भी शीतल माता की मूर्ति चोरी हुई थी, गाँव के महामायाऔर शिव मंदीर में हड्डी डाला गया था।जिसके आरोपी आज तक पकड़ में नही आये है और आज पुनः शिव मंदीर से शिव लिंग को चुरा लिया गया है।यदि इस बार ठोस कार्यवाही नही होती है तो हम उच्च कार्यालय तक इसकी शिकायत लेकर जाएंगे।

इरादा कहीं धार्मिक वैमनस्यता फैलाना तो नही?

अमोलिकापा एक शांतिप्रिय गाँव है यहाँ किसी की किसी से कोई मतभेद नही है।लेकिन चोर के द्वारा की जा रही मूर्ति चोरी और मंदिरों में गलत कृत्यों से लगता है कि कोई इस गाँव की शांति भंग कर धार्मिक वैमनस्यता फैलाना चाह रहा है।गाँव वालों ने बताया कि जब शीतला माता की मूर्ति चोरी हुई तजि तो उनके गहने चोरी नही हुए थे बल्कि वही मंदिर के आस पास बिखरे हुए थे।आज भी शिव लिंग की चोरी में तांबे के नाग को कुछ नही किया गया है।यदि कोई पैसों के लिए मंदिर को निशाना बनाता तो मूर्ति की जगह गहने या धातु ले जाता पत्थर ले जाकर उसे कुछ भी हासिल नही होगा।चोर के इस तरह के गतिविधि से लगता है कि उसका उद्देश्य गाँव वालों की धार्मिक भावनाओं को भड़काकर गाँव की शांति भंग करना और गाँव वालों के दिलो में दहशत पैदा करना हो सकता है।

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