मस्तूरी
संजय निषाद
ठेकेदार की लेटलतीफी और लापरवाही का खामियाजा आठ गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।मस्तूरी क्षेत्र के पचपेड़ी से मुख्य सड़क का नियम किया जा रहा है।इसके लिए कई पेड़ काटे गए है।लेकिन अच्छी सड़क की उम्मीद अब परेशानी का सबब बन गया है।बनाई जा रही सड़क में ठेकेदार द्वारा बसे गिट्टी डाल दिया गया है लेकिन उसके ऊपर पर्याप्त रोलर चलाकर बराबर नहीं किए जाने से आने जाने वाले लोगों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

बता दें कि बनाई जा रही सड़क पचपेड़ी क्षेत्र के चिल्हाटी, लोहरसी, बोहारडीह, टांगर, विद्याडीह, भरारी, जलसों, सुकुलकारी और केवतरा गांवों को जोड़ती है।इस मुख्य सड़क की हालत बद से बदतर बनी हुई है। सड़क निर्माण के नाम पर सैकड़ों पेड़ों की कटाई तो कर दी गई, लेकिन सड़क पर केवल गिट्टी डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है।इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीणों का आना-जाना होता है, लेकिन गिट्टी डालकर छोड़ देने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर बिखरी नुकीली गिट्टियों के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों के पहिए कट रहे हैं, आए दिन पंचर हो रहे हैं।ग्रामीण मोहित कुमार ने बताया कि इस सड़क से गुजरना मजबूरी है। गिट्टी की वजह से वाहनों को नुकसान हो रहा है और कई बार लोग फिसलकर गिर भी जाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक तीन बार केवल गिट्टी ही डाली गई है, लेकिन न तो सड़क की डामरीकरण (डस्ट) हुई और न ही मरम्मत का कोई ठोस काम किया गया।ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण सड़क जानलेवा बनती जा रही है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क का पक्का निर्माण और डामरीकरण कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
