दीवान तालाब की मछलियों पर है किसकी गिद्ध दृष्टि?दूसरी बार हुआ अनाधिकृत शिकार। जिम्मेदार हुए मौन।

बिलासपुर

राकेश मिश्रा

दीवान तालाब में किसने फेंका जाल? किसकी शह पर किया गया मछलियों का शिकार?तखतपुर के दीवान तालाब में फिर एक बार अवैध रूप से मछलियां मारी गई है।बुधवार की सुबह बड़ी संख्या में मछलियों को मारकर ले जाया गया है।मछलियों के मारे जाने से सुबह दीवान तालाब के उद्यान में टहलने आने वालों को बड़ी कठिनाई और दुर्गंध का सामना करना पड़ा।वही इस मामले में जिम्मेदार कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

तखतपुर का दीवान तालाब,जिसे परमेश्वरी सरोवर भी कहा जाता है, की मछलियों पर किसी की गिद्ध दृष्टि पड़ी और बेचारी मछलियों का बड़ी मात्रा में शिकार हो गया।बुधवार की सुबह सुबह कुछ लोग आए और तालाब में जाल फैला दिया गया।लगभग एक घंटे तक चले इस मछली के शिकार से लगभग 4 से 5 क्विटल मछलियां मारी गई है।इस दौरान सुबह सुबह तालाब के उद्यान टहलने आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।क्योंकि मछलियां वालो ने अपनी गाड़ियां उद्यान के अंदर पार्क कर ली थी।इसकी वजह से टहलतेऔर दौड़ये नहीं बन रहा था।साथ ही मछलियों के मारे जाने से उठती दुर्गंध से सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था।इस सब के बीच वहां नगर पालिका का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। अनाधिकृत रूप से हुए इस शिकार के विषय में जिम्मेदारों की खामोशी और बहानेबाजी सीधे सीधे आरोपियों को संरक्षण देने और मिली भगत से सारा काम किए जाने की ओर इंगित करता है।इस विषय में सीएमओ अमरेश सिंह को दीवान तालाब में मछली मारे जाने की सूचना दिए जाने पर मैं दिखवाता हूं कहा गया मगर किसी को भी नहीं पकड़ा गया है।वही जब उनसे बात की गई तो उनका कहना था कि तालाब की सफाई के आदेश और अनुमति दिए थे ,मछली मारने का नहीं। जब उनसे पूछा गया कि किसको तालाब सफाई की अनुमति दिए थे तो उन्होंने रायपुर में डायरेक्टर साहब से सामने बैठे होने का हवाला देकर फोन काट दिया।जब नगर पालिका तखतपुर की अध्यक्ष रविंदर कौर से इस विषय में बात की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया।जिम्मेदारों के इस तरह से मामले से कन्नी काटने से स्पष्ट हो रहा है कि मछली का शिकार जिम्मेदारों की पूरी सहमति और संरक्षण में हुआ है।अन्यथा जब बात संलग्न में लाई जा चुकी है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध थाने मामला दर्ज कराकर दोषियों को कड़ी कार्यवाही का संदेश देना चाहिए था।मगर न तो सीएमओ कुछ बता रहे हैं और न अध्यक्ष कुछ बोल रही है।

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पहले भी हो चुका है ऐसा लेकिन नहीं हुई थी कार्यवाही

दीवान तालाब में मछली के शिकार का यह पहला मामला नहीं है।इसके पूर्व भी कुछ साल पहले भी खुले आम मछली का शिकार की गया था।इसकी चर्चा नगर में जगह जगह थी।यह भी चर्चा थी कि किसके शह पर यह काम हुआ था।मगर राजनैतिक दबाव के चलते उस समय मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।अब दूसरी बार मछली का शिकार किया जाना पहली बार की चुप्पी और कार्यवाही नहीं होने से बड़े हौसले का ही परिणाम लगा रहा है।लोगो के बीच यह बात चल निकली है कि इस बार भी किसी के खिलाफ कुछ कार्यवाही नहीं होगी।सीएमओ और अध्यक्ष की चुप्पी और मामले में उदासीनता लोगो के बीच चल रही चर्चा को बल दे रहा है।

वही इस मामले में एसडीएम शिव कुमार कंवर ने बताया कि परमेश्वरी सरोवर में अनधिकृत रूप से मछली मारने की जानकारी मिली है।सीएमओ से जांच कर प्रतिवेदन मांगा गया है।प्रतिवेदन मिलने के बाद दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।