अवैध रूप से संग्रहित खराब धान समर्थन मूल्य पर बेचने की शिकायत, जप्ती के साथ जांच कार्यवाही शुरू।

बिलासपुर

राकेश मिश्रा

तखतपुर के जुनापारा आदिवासी सेवा सहकारी समिति में प्रबंधक द्वारा अवैध रूप से संग्रहित कर रखे गए खराब धान को किसान के नाम पर समर्थन मूल्य पर बेचवाने का मामला सामने आया है।शिकायत पर नायब तहसीलदार ने मौके से 96 बोरा धान को जप्त कर जांच कार्यवाही शुरू करते हुए प्रबंधक और किसान सहित शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया है।आगे की कार्यवाही किया जा रहा है।

उपार्जन केंद्र में रखा रिजेक्टेड धान

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता अश्वनी अग्रवाल ने जुनापारा चौकी और तहसील में शिकायत किया है कि आदिवासी सेवा सहकारी समिति के चोरहा धान उपार्जन केंद्र में प्रबंधक महेंद्र जायसवाल द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारी की सहायता से अवैध रूप से संग्रहित करके रखे गए खराब धान को बेचा जा रहा है।शिकायतकर्ता के द्वारा स्वयं ही उपार्जन केंद्र जाकर ट्रक में लोड किए जा रहे अवैध और अमानक धान को लोड कर गायब होने से रुकवाया।उसके बाद बुधवार को नायब तहसीलदार रोशनी तिर्की द्वारा धन उपार्जन केंद्र जाकर मामले की जांच की गई और किसान सहित प्रबंधक उसके अधीनस्थ कर्मचारी और शिकायतकर्ता का बयान दर्ज कर उपार्जन केंद्र में रखे 96 बोरा अवैध अमानक धान को जप्त किया गया। वही शिकायतकर्ता के अनुसार 124 बोरा में से 28 बोरा धान को गायब कर दिया गया है।साथ ही उपार्जन केंद्र में किसानों से खरीदे जाने वाले धान की जानकारी दर्ज करने के लिए बनाए गए पंजी में छेड़छाड़ और पन्ने फाड़े जाने की भी बात बताई है।वही हेमलो के द्वारा बनाए गए पंजी में भी ओवर राइटिंग किया जाना पाया गया है।

पूछताछ करते सीईओ


शिकायतकर्ता अश्वनी अग्रवाल ने बताया कि संस्था प्रबंधक द्वारा अपने गोदाम में रखे खराब धान को खपाने के लिए धान उपार्जन केंद्र में ट्रैक्टर से मंगवाया. उसके नीचे काम करने वाले कर्मचारी नन्हे जायसवाल के द्वारा ट्रैक्टर के भरकर जुनापारा से चोरहा धान उपार्जन केंद्र लाया. कुल 124 कट्टी धान लाया गया था, जिसमें से मात्र 96 कट्टी यहां पर है. बाकी रात को ट्रक में लोड होकर चला गया है. उन्होंने बताया कि हमारे पास इसके सारे साक्ष्य हैं।

जांच करती नायब तहसीलदार

वहीं संस्था के प्रबंधक महेंद्र जायसवाल ने बताया कि मुझे इस बारे में जानकारी नहीं थी कि धान किसने यहां लाकर रखा है। पहुंचे तो देखा कि धान रखा हुआ था।मैंने इसकी पूछताछ की, लेकिन किसी ने नहीं बताया कि धान यहां किसने रखा है।धान के बोरों की जांच की तो धान खराब थे, इसलिए उसमें रिजेक्टेड लिखवाकर अलग कर दिया है।

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पंजी में छेड़छाड़ और ओवर राइटिंग
उपार्जन केंद्र में संधारित किए जा रहे पंजी में जीवन पिता समारू के नाम से दर्ज एंट्री में ओवर राइटिंग द्वारा 110 बोरी धान बेचा जाना अंकित किया है।जबकि शिकायत करता ने बताया कि उसके द्वारा 60 बोरी का टोकन काटकर मात्र 60 बोरी धान बेचा गया है ।वही उसके बेटे आकाश के नाम से 15 बोरी धान बेचा गया है ।वही हेमालो ने भी जीवन द्वारा केवल 60 बोरी धान बेचे जाने की बात बताई है।जिसकी फोटो खींच कर शिक्यतकर्ता द्वारा रख लिया गया है।मगर जब जांच में आई तहसीलदार द्वारा जांच की गई तो पन्ने फटे हुए पाए गए।

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